Sunday, 31 May 2020

हिन्दी

तू इस तरफ ना निगाह कर
मैं ग़ज़ल का हुस्न कुछ निखार लूँ,
बना के हर लफ़्ज़ को आईना
तुझे ग़ज़ल में अपनी मैं उतार लूँ।💕💕

No comments:

Post a Comment